चिकित्सा उपचार के विविध आयाम
Quick Overview
बड़ा आश्चर्य होता है, जब हम देखते हैं कि परमपूज्य गुरुदेव ने एक भी विषय ऐसा नहीं छोड़ा है जो दैनंदिन जीवन से सम्बन्धित है एवं व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक, आत्मिक हर पक्ष को छूता है | उन्होंने स्वास्थ्य संवर्धन पर इतना कुछ लिखा है या औरों को प्रेरित कर लिखवाया है कि उसे किसी तरह चार खण्डों में समाया जा सका है, नहीं तो यह सामग्री और भी अधिक हो सकती थी, यदि उसे यथा रूप ले लिया जाता | चिकित्सा उपचार की अनेकानेक पद्धतियों का इस खंड में वर्णन है | प्रत्येक अध्याय में उनने नैसर्गिक ऋषि प्रणीत उपचार प्रक्रिया जो आयुर्वेद में वर्णित है, को ही अपनाने पर तथा आहार विहार, आसन-प्राणायाम-सरल जड़ी बूटियों के माध्यम से चिकित्सा किये जाने पर जोर दिया है | यह उनकी लेखनी की ही विशेषता है कि स्वास्थ्य जैसा जटिल विषय, जिसके लिए लम्बा-चौड़ा पाठ्यक्रम पढ़ना होता है, पूज्यवर ने इतना सरल बना दिया है कि कोई भी इसे पढ़कर घरेलू चिकित्सा में अपना सकता है | इसे वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का एक-एन्साक्लोपीडिया नाम दिया जाये तो कोई अत्युक्ति नहीं होगी |
Product Description

